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आँसू दवा हैं

4 दिन पहले
1 मिनट पठन

अकेले में ही नहा गया, जो अपने अश्कों से,

अकेले में ही नहा गया, जो अपने अश्कों से l


और ख़ुद ही मिटा लिया जिसने,

आँखों से उतरती ग़मों की इन क़तारों को l


लब पे कोई शिकायत भी नहीं,

लब पे कोई शिकायत भी नहीं l


बस तेरा नाम है और जिए जा रहा हूँ,

लब पे, बस तेरा नाम है और जिए जा रहा हूँ l


विवेक गोपाल कृष्ण पाठक



 
 
 

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