कश्मकश
- Vivek Pathak

- 18 अप्रैल
- 1 मिनट पठन
क्यों हमेशा, ठोकर चाहिए होती है संभालने के लिए ?
क्यों हमेशा, ठोकर चाहिए होती है संभालने के लिए ?
आदमी !! समय रहते संभालता क्यों नहीं ?
बेकार सी जिद है, कुछ कर दिखाने की,
बेकार सी जिद है, कुछ कर दिखाने की l
झंझटों में लगा रहता है, आदमी !! जीता क्यों नहीं?
झंझटों में लगा रहता है, आदमी !! जीता क्यों नहीं?
जिसे नहीं लगाव ज़िंदगी से, उसे मौत नसीब नहीं,
और जो चाहता है जीना वो क्यों मर जाता है?
विवेक गोपाल कृष्ण पाठक














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