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क्षमा और ज्ञान

28 अप्रैल
1 मिनट पठन

क्षमा यदि शर्तों के साथ है, तो वो क्षमा कहाँ है?-2

आत्ममुग्धता और अहंकार की पराकाष्ठा है,

वो क्षमा कहाँ है?


ज्ञान और आत्मबोध की ओर पहला कदम, -2

माँगना त्रुटि पर क्षमा, और उसे न दोहराना है l

और बिना व्यवहार में लाए,

फिर कैसा भी हो ज्ञान, कोरा ही रहता है l


हवाई क़िले और काग़ज़ की नाव,

कब तक टिक पाती है l

समय का एक थपेड़ा,

और सब ज़मीन पर आ जाता है l


इसलिए किसी को छोटा कहना,

आपको बड़ा नहीं बनाता है?

आपको आपकी स्थिति से और नीचे ही गिरता है l -2


विवेक गोपाल कृष्ण पाठक


 
 
 

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