गुरु कृपा
- Vivek Pathak

- 11 मार्च
- 1 मिनट पठन
मई की घाम भी लगे, शशि नीर,
ज्यों सुधा बरसे घन घोर l
आफ़त में आनंद समावे,
दुःख में सुख के भोग जिवावे,
पराजय में भी जयकार करावे ।
गुरु कृपा परसाद अति मीठो,
कड़वी माया के सब स्वाद भुलावे l
विवेक गोपाल कृष्ण पाठक














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