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"Glimpses Of Truth"

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मैं क्या हूँ? सबकुछ तुम हो l
मैं क्या हूँ? मुझमें मेरा सबकुछ तुम हो l असमय पटका गया धरा पर, बीज से वट वृक्ष बना, कारण तुम हो l जीवन में जलके, राख से पहले, हुआ जो...

Vivek Pathak
3 दिस॰ 20221 मिनट पठन
रुक मत चलता रह आगे बढ़
मुझे स्वीकार है, मेरी हर आलोचना और उलाहना, हर कष्ट और प्रताड़ना, हर अपमान और असफलता, हर तिरस्कार और हार, कर्मों के कर्ज़ से न बच सका है...

Vivek Pathak
3 दिस॰ 20221 मिनट पठन
कहाँ हैं शिव?
कमी हो तो, पूर्ती में हैं शिव l डर हो तो, रक्षण में हैं शिव l दृष्टि में हैं शिव, अनुभव में हैं शिव l होने में हैं शिव, खोने में हैं शिव...

Vivek Pathak
1 दिस॰ 20221 मिनट पठन
ईश्वर का प्रमाण
राह चलते जब, किसी की झलक आँखों में बस जाये l यूँ ही किसी का गुनगुनाना, कानों में मिठास भर जाये l आँसू हो किसी की आँखों में, और दिल...

Vivek Pathak
25 नव॰ 20221 मिनट पठन
तुम और मैं
ऐसे नहीं चलता कि तुम रूठती रहो, मैं मनाता रहूँ, कभी मैं रूठूँ और तुम मनाओ, पर इसमें भी वो बात नहीं l कभी ऐसा भी हो कि हम, दूर होकर भी...

Vivek Pathak
9 नव॰ 20221 मिनट पठन
ईश्वर की अवधारणा
स्वस्फ़ूर्त ऊर्जा से प्रदीप्त हूँ मैं ।। बुद्ध का अंतःदीप, शिव का ॐकार हूँ मैं, जो है, उसमें भी हूँ मैं, जो नहीं है, वही तो हूँ मैं l न...

Vivek Pathak
31 अक्टू॰ 20221 मिनट पठन
जागो जागो जागो
पाके भी अनेक लाभ, महिमा वृक्ष की नकारे तू l जीवन आवश्यक नीर जानके भी, जलश्रोत को उजाड़े तू l सूर्य से है जो प्राप्त ऊर्जा, व्यर्थ की तपन...

Vivek Pathak
31 अक्टू॰ 20221 मिनट पठन
समर्पण की आवश्यकता
दिखने लगे जीवन का सत्य… जब मुड़ने लगें मुख, जब छूटने लगें हाथ, जब लगने लगें झूठे सब संबंध, जब यौवन में ही हो काया रोगोँ से ग्रसित, जब...

Vivek Pathak
21 अक्टू॰ 20221 मिनट पठन
वो अमूल्य क्षण
वो क्षण जब कह सकूँ कि पा लिया, तरसता रहा जन्मों-जन्मों जिसके लिये l वो क्षण जब स्वयं से तृप्त हो कर सकूँ कुछ, अँधेरे की अग्नि में जो...

Vivek Pathak
1 अक्टू॰ 20221 मिनट पठन
शिकायतें क्यों?
जब जुड़ते हैं दो, तो चले एक की क्यों? शिकायतें क्यों? माना है जीवन संघर्ष, है कष्ट बहुत, तो ढोये केवल एक ही क्यों? शिकायतें क्यों?...

Vivek Pathak
1 सित॰ 20221 मिनट पठन
जीवन की शैली
बहुत सार्थक है जीवन की शैली, आदर्श हो या हो बिखरी, जिनसे थी उम्मीदें तोड़ी उन्होंने, प्रेम की परिणति हृदय परिवर्तन, भरोसा पल का नहीं, पर...

Vivek Pathak
24 अग॰ 20221 मिनट पठन
मृत्यु की महक
तपते जीवन के रेगिस्तान से गुजरते कुछ भ्रम, कष्ट, थकान के साथ मरुउद्यान के पल भी मिलेl जीवन के पथरीले कांटेदार जंगल में, सुगंधित पुष्पों...

Vivek Pathak
23 अग॰ 20221 मिनट पठन
स्वयं के सत्य का अनुभव
बहुत कष्ट हैं इस दुनियाँ में, किसी के पास कम या ज्यादा नहीं, हर एक के पास है अपना अपना, देखो जब भी मजबूर या लाचार को, बाँट लो जो भी बाँट...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
'सबब ए जिन्दगी'
है दुःख बहुत, ग़मगीन सारे हैं। कुछ हैं परेशां साथ किसी के, और कुछ बे सहारे हैं। हैं सुखी अपनों के साथ कमी में भी कुछ-2, और कुछ महलों में...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
करुणा
तन पे वो ज़ख्मों के नक्श, उनसे बहता खून। सर्द रातों में सोने का तो क्या? रोटी का न हो ठिकाना और उसपे तन्हा तन्हा जीने को मजबूर। नंगे पैर,...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
इत्र ए ज़िन्दगी
जिसके सामने आईना रखा, वो ही हमसे रूठ गया, हम ज़माने से अलग हुए और ज़माना हमसे टूट गया। मैंने कई बार खुद को टूटा, बिखरा और तन्हा पाया, जो भी...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
हार और जीत
जब तुम्हारी जीत हो सोचना, हारते तो क्या करते। क्या होते उदास, खोजते कारण या मढ़ देते हार का दोष किसी पर। हर कदम पर जीत मिले, ये ना कभी हो...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
मैं कौन हूँ
प्रारब्ध की मिट्टी की मूरत या कर्मों का बंधक, प्रयासों का परिणाम या असफलताओं का बोझ। आवश्यकताओं का चिर याचक या करुणामयी दानी, मैं कौन हूँ...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
अपेक्षा की व्यर्थता
व्यर्थ अपेक्षा, प्रेम के बदले प्रेम की, व्यर्थ अपेक्षा, वात्सल्य के बदले समर्पण की, व्यर्थ अपेक्षा, त्याग के बदले प्राप्ति की, व्यर्थ...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
क्या करना चाहिए?
भर जाय जब मन किसी बात से, तो टूटना नहीं चाहिए।-2 हो कुछ ऐसा प्रयास की ये दर्द, अब किसी और को नहीं मिलना चाहिए। भर जाती है कली जब इस क़दर,...

Vivek Pathak
21 अग॰ 20221 मिनट पठन
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